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Saturday, 22 July 2017

खता आज हम-तुम करें...

हुई है मोहब्बत बताऊँ किसे,
किस से कहूँ और जताऊँ किसे..
ये दीवानगी अब अदा है मेरी,
सम्हालूँ इसे या मिटाऊँ इसे..?

वो लमहात कितने जूनूनी हुए,
जिसे हमने चाहा वो खूनी हुए..
दिए जख़्म दिल पे दिखाऊँ किसे,
हुई है मोहब्बत बताऊँ किसे..?

चलो इक खता आज हम-तुम करें,
खुल के जिएं अब ना घुट-घुट मरें..
मग़र ये हुनर मैं सिखाऊँ किसे,
हुई है मोहब्बत बताऊँ किसे..?

अज़ब बेक़रारी का आलम हुआ,
धड़कन है दिल की या कोई दुआ..
मैं जज़्बात अपने दिखाऊँ किसे,
हुई है मोहब्बत बताऊँ किसे..?

...©रवीन्द्र पाण्डेय💐💐
*9424142450#

Sunday, 28 May 2017

उम्मीद हैं सांसे, ख़्वाब है ज़िन्दगी....


सुनो, आओ ना, आ भी जाओ,
यूँ दूर रहकर, अब ना तड़पाओ...

एक तुम्हारा ही इंतज़ार,
बस एक तुमसे ही प्यार,
यही मेरी जिन्दगी,
ये सांसो का कारोबार,
दूर-दूर रहकर, अब ना सताओ...
सुनो, आओ ना, आ भी जाओ...

महक है जेहन में,
पहली मुलाकात की,
मौसम तो बदले,
आँखों के बरसात की,
कुछ तो करो ऐसा, बस मेरी हो जाओ...
सुनो, आओ ना, आ भी जाओ...

गलियां सूनी, पनघट प्यासा, रस्ते हैं उदास,
अपने यहाँ होने का, दे दो इन्हें अहसास,
मेरे घर आँगन में, प्रेम दीपक जलाओ...
सुनो, आओ ना, आ भी जाओ...

अधूरे हैं सपने, गुमसुम सब अपने,
किसको सताऊँ? और किसको मनाऊँ?
किस से कहूँ बात, और हल्का हो जाऊँ,
हाँ रूठे हो बेशक़, पर अब मान जाओ...
सुनो, आओ ना, आ भी जाओ...

उम्मीद हैं सांसे, ख़्वाब है ज़िन्दगी,
मुक़म्मल हो मोहब्बत, यही ईबादत और बन्दगी,
ओ मौसम ए ग़ुल, मेरी दुनिया महकाओ...
सुनो, आओ ना, आ भी जाओ...
यूँ दूर रहकर, मुझे ना तड़पाओ...

...©रवीन्द्र पाण्डेय💐💐

छाया चलचित्र... गूगल से साभार...

पल दो पल के साथ का.....

पल दो पल के साथ का, मुंतज़िर मैं भी रहा... ------------------------***-------------------- पल दो पल के साथ का, मुंतज़िर मैं भी...