ख़ुशनुमा सा इक सफ़र है, आँख में पानी है क्या.!!!...... दिल लगाकर देख लीजे, ज़िन्दगानी है क्या...?
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Friday, 31 March 2017
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पल दो पल के साथ का.....
पल दो पल के साथ का, मुंतज़िर मैं भी रहा... ------------------------***-------------------- पल दो पल के साथ का, मुंतज़िर मैं भी...
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समुंदर खारा हो गया... -------------****--------=----- बैठ गया कुछ पल के लिए , मैं समुंदर के तीर... बाँट लूँ ये सोच कर , कुछ ...
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ओस बन छू लूँ तुझे मैं, धुन्ध बन कर साथ हूँ। तन-बदन को ताज़गी दे, वो हसीन ख़यालात हूँ।। मैं तेरी राहों का रहबर, धूप में साया सघन। जो खुशी दे उम...
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सुहानी सुबह मुस्कुराने लगी। हवाएँ मिलन गीत गाने लगीं।। बारिश की बूंदों ने छुआ बदन। उम्मीदें रंगोली सजाने लगीं।। सूरज मनाने गया छुट्टियाँ। बद...
